शुक्रवार, फ़रवरी 18, 2011

प्रेरणा

लघुकथा



34 टिप्‍पणियां:

  1. हार्दिक धन्यवाद प्रवीण पाण्डेय जी ।

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  2. प्रेरक लघुकथा ..? कथनी और करनी में अंतर दिखाती लघुकथा का व्यंग्य स्पहै।

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  3. मनोज कुमार जी, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद...

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  4. ईमानदारी ? ...स्लोगन लिखाने ही थे न पालन थोड़े ही करना था ...

    सोचने पर विवश करती लघुकथा

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  5. सुशील बाकलीवाल जी,
    आभारी हूं विचारों से अवगत कराने के लिए।

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  6. संगीता स्वरुप जी,
    बेटू के साथ व्यस्त होने पर भी मेरे ब्लॉग पर आपका आना सुखद लगा ......बेटू को आशीष और आपको हार्दिक धन्यवाद!

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  7. आज कल तो हर बातमें यही हो रहा है.

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  8. क्या कहा जाय....

    बहुत सही स्थिति का अंकन किया है आपने...

    सार्थक लघुकथा...

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  9. विजय माथुर जी,
    आपने सच कहा...हार्दिक धन्यवाद...।

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  10. रंजना जी,
    आभारी हूं विचारों से अवगत कराने के लिए...हार्दिक धन्यवाद...।

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  11. Sach hai ""Par updesh gyan bahutere""

    ji han mam aaj halat kuch aise hi ho gye hain. kyun ki GURUKUL ab School ban gaye hain


    Anuj Sharma
    http://www.anujshrotriya.blogspot.com/

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  12. अनुज शर्मा जी,
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए हार्दिक आभार...
    बहुत -बहुत ..शुक्रिया.

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  13. सोनू शर्मा जी,
    मेरे ब्लॉग से अनुसरण करने हार्दिक धन्यवाद! आपका स्वागत है!
    मेरे लेखों पर आपके विचारों की प्रतीक्षा रहेगी।

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  14. सुरेश शर्मा जी ,
    मेरे ब्लॉग से अनुसरण करने हार्दिक धन्यवाद! आपका स्वागत है!
    मेरे लेखों पर आपके विचारों की प्रतीक्षा रहेगी।
    सम्वाद बनाए रखें।

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  15. शारदा जी , बहुत सुंदर लघु कथा लिखी है आपने , यही फर्क है कहने और करने में .

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  16. शिवकुमार ( शिवा)जी,
    आभारी हूं विचारों से अवगत कराने के लिए...
    हार्दिक धन्यवाद...।

    एक विनम्र ध्यानाकर्षण...
    मेरा नाम ‘शरद’ है, ‘शारदा’ नहीं...

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  17. जयन्त चौधरी जी,
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए हार्दिक आभार...
    एवं हार्दिक धन्यवाद...।

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  18. बहुत ही बढ़िया लघुकथा है. बच्चों को सीखाना एयर खुद उसपर अमल करना दो अलग बातें हैं.

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  19. जी हाँ.. बिलकुल सठिक मजबूरी..धन्यवाद..!

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  20. ’हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और’ - प्रैक्टिकल लोगों की कथनी और करनी में बहुत अंतर होता है। एकदम सटीक लिखा हैं आपने।

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  21. हमारे देश क़ी इस विषम वैचारिक स्थिति पर कुठाराघात है ये लघु कथा .

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  22. सोमेश सक्सेना जी,
    आपको हार्दिक धन्यवाद!

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  23. संजय जी,
    मेरे ब्लॉग पर आने के लिए आपको धन्यवाद...
    आपके विचारों का मेरे ब्लॉग्स पर सदा स्वागत है।

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  24. आशीष जी,
    हार्दिक धन्यवाद!
    मेरी लघुकथा को पसन्द किया आभारी हूं।

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  25. हमारे सरकारी तंत्र पर व्यंग्यात्मक प्रहार करती लघुकथा काफी रोचक लगी। साधुवाद।

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  26. परशुराम राय जी,
    मेरी लघुकथा को आपने पसन्द किया आभारी हूं।
    इसी तरह सम्वाद बनाए रखें।
    आपका सदा स्वागत है।

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  27. सारा सच....,
    मेरे ब्लॉग का अनुसरण कराने के लिए हार्दिक धन्यवाद!
    आपका स्वागत है!
    आपके विचारों की प्रतीक्षा रहेगी।

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  28. शुभम जैन जी,
    मेरे ब्लॉग का अनुसरण करने के लिए हार्दिक धन्यवाद!
    आपका स्वागत है!
    आपके विचारों की प्रतीक्षा रहेगी।

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  29. ज्ञान बांटने के लिए और लेने के लिए अलग....

    यही नजारा है!


    बेहतरीन कटाक्ष!!!

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