गुरुवार, जून 20, 2013

कुंती मेरे मन से जाती ही नहीं ......



17.06.2013 को ‘‘दैनिक जागरण’’ के सप्तरंग, साहित्यिक पुनर्नवा परिशिष्ट में मेरा संस्मरणात्मक रेखाचित्र प्रकाशित हुआ है जिसे मै आप सब से शेयर कर रही हूं ....

आप इसे नीचे दिए लिंक पर भी पढ़ सकते हैं......
 

http://www.facebook.com/photo.php?fbid=530722380319781&set=a.140525269339496.24558.100001460713556&type=1&theater 


http://sharadakshara.blogspot.in/ 


http://epaper.jagran.com/epaper/17-jun-2013-4-Delhi-City-Page-1.html 

1 टिप्पणी:

  1. बहुत सुंदर और विचारोत्तेजक लेख. ऐसे शोषण से मन खिन्न होना स्वाभाविक है.

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