कविता प्रसंग

समकालीन कथा यात्रा का यह पृष्ठ समर्पित है काव्य विधा को ‘काव्य प्रसंग’ के रूप में.....क्योंकि कथा और काव्य सतत् सहगामी हैं.....

लालित्य ललित की दो कविताएं


लालित्य ललित
बाहर की दुनिया
(‘इंतजार करता घर’ कविता संग्रह से साभार ) 
 सपना अपना
(‘इंतजार करता घर’ कविता संग्रह से साभार )

 ‘इंतजार करता घर’ कविता संग्रह 

युवा एवं प्रतिभा सम्पन्न कवि लालित्य ललित कविता संग्रह ‘इंतजार करता घर’  सन् 2010 में नमन प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित हुआ। लालित्य ललित का यह कविता संग्रह अपने आप में संवेगों के अनेक रंग समेटे हुए है। इसकी कविताएं कहीं चुटीला व्यंग करती हैं तो कहीं असीम ऊर्जा का अहसास कराती हैं तो कहीं सामने आईना रख देती हैं। इन कविताएं में विचार और संवेदना का क्षेत्रा विस्तृत है और अभिव्यक्ति में सहजता है। ललित लालित्य का यह कविता संग्रह आश्वस्त करता है कि आधुनिक खुरदुरे वातावरण में कविता का सौम्य, कोमल आग्रह सदा सांस लेता रहेगा क्यों कि इसमें निहित कविताएं काव्य के पारंम्परिक सम्मोहन से परे नया संसार रचती दिखाई पड़ती हैं। इनमें नूतन बिम्ब हैं, मुक्त अभिव्यक्ति है और रचना कर्म का श्लाघनीय आचरण है जो इन्हें अन्य समकालीन कविताओं से अलग पहचान देता है।

3 टिप्‍पणियां:

  1. lalit ki kavya-pratibha se mai parichit hoo. uski kavitaye parhana achchha laga. dono kavitao ko dubara parhana siukhad hi raha. dhanyvaad sharad ko, chhapne ke liye.

    उत्तर देंहटाएं
  2. ललित जी कविताएं जीवन के रंगो से ली गई होती है। जिनको पढ्ना अच्छा लगता है। इस सपने वाली कविता को ही लीजिए जो सपनो को पतंग़ के प्रतीक के रुप में दिखाकर उन्हें सच के करने के लिए प्रेरित कर रहे है। बहुत बेहतरीन कविता लिखी ललित जी। पढ़्कर मन खुश हो गया।

    उत्तर देंहटाएं